क्रिकेट में महान बल्लेबाजों की चर्चा हो तो विराट कोहली का नाम अपने आप सामने आ जाता है.लेकिन जब उनकी बल्लेबाजी की तारीख किसी ऐसे खिलाड़ी की ओर से आए जिसे खुद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दुनिया के बड़े बल्लेबाजों का सामना किया हो तो बात और खास बन जाती है.ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने हाल ही में विराट कोहली को लेकर ऐसा ही बड़ा बयान दिया है.

मैक्सवेल की नजर में ऑडी का सबसे बड़ा नाम
ग्लेन मैक्सवेल ने एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान अलग-अलग फॉर्मेट में अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का चुनाव किया. वनडे क्रिकेट के लिए उन्होंने बिना किसी हिचकी चाहत के विराट कोहली का नाम लिया.
मैक्सवेल के मुताबिक कोहली की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ हैरान बनाना है नहीं है. गेंद को पढ़ने, सही समय पर शॉर्ट लगाने और मैदान में मौजूद खाली जगह को तुरंत पहचान लेने की उनकी क्षमता उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाती है.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोहली की परियां क्यों याद हैं?
मैक्सवेल ने खास तौर पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबले में कोहली की कुछ परियों को याद किया.उनका मानना है कि दबाव की स्थिति में भी गोली किस तरह बल्लेबाजी को नियंत्रित करते हैं वह असाधारण है.
यही वजह है कि मैक्सवेल ने कोहली को अपने लिए ओडीआई क्रिकेट में एक अलग स्तर का बल्लेबाज बताया. यह तारीफ इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मैक्सवेल खुद लंबे समय तक ऑस्ट्रेलिया ए टीम का हिस्सा रहे हैं और कोहली के खिलाफ कई मुकाबले खेल चुके हैं.
आंकड़े भी बताते हैं विराट की कहानी
विराट कोहली ने अब तक 314 ओडी माचो में 14941 रन बनाए हैं. उनके नाम 54 शतक और 79 और शतक दर्ज हैं. खास बात यह है कि सफल रन चेज में भी उनका रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है.
सिर्फ कोहली ही नहीं मैक्सवेल ने और भी नाम चुने
मैक्सवेल ने केवल ऑडी के लिए कोहली को नहीं चुना T20 क्रिकेट में उन्होंने आंद्रे रसेल को अपनी पसंद बताया, जबकि टेस्ट क्रिकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ का नाम लिया. यानी मैक्सवेल ने तीनों फॉर्मेट के लिए ऐसे खिलाड़ियों को चुना जिनकी सबसे बड़ी ताकत उनके खेल को अपने तरीके से प्रभावित करने की क्षमता रही है.
विराट के लिए यह तारीख क्यों खास है?
क्रिकेट में रिकॉर्ड अपनी जगह होते हैं लेकिन किसी प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी से मिलने वाली प्रशंसा की अपनी अहमियत होती है. मैक्सवेल की बात यही दिखती है कि विराट कोहली की बल्लेबाजी का प्रभाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है. मैदान पर उनकी परिस्थितियों को पढ़ने और रन बनाने की क्षमता ने विरोधी टीम के खिलाड़ियों को भी प्रभावित किया है.